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International Yoga Day : रहना है रोग मुक्त , करे रोज़ाना योग - Health Mantra

International Yoga Day : रहना है रोग मुक्त , करे रोज़ाना योग

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आज कोरोना की वजह से हमारी जीवन शैली पूरी तरीके से बदल चुकी है . जहां इस वायरस की दूसरी लहर (second wave) और भी खतरनाक साबित हो रही है, वहीं तीसरे लहर (Third wave) के आने की बात ने और भी भय व्‍याप्‍त कर दिया है. ऐसे में जरूरी है कि इस संक्रमण से बचाव के तरीके अपनाए जाएं. इसके लिए आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) का बेहतर बने रहना बेहद जरूरी है. ऐसे में योग एक बेहतर ऑप्‍शन (better option) साबित हो सकता है. योग करने से शरीर की बहुत सी बीमारिया दूर हो सकती है यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है. इसलिए कुछ खास योग आसन अपने रूटीन (routine) में जरूर शामिल करें. ये जहां आपके शरीर का लचीलापन बनाए रखेंगे वहीं फेफड़ों (Lungs) की क्षमता में भी सुधार करेंगे और आपकी इम्‍यूनिटी (immunity) को मजबूत बनाएंगे.

इन योगासनों को आप रोजाना कुछ मिनटों के लिए करना शुरू कर सकते हैं. हालांकि किसी भी तरह के योगाभ्यास को शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर और संबंधित विशेषज्ञ (Expert) की सलाह जरूर लें.

बालासन: बालासन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. साथ ही इसे करने से पेट की चर्बी भी घटती है. इसमें घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भार अपनी एड़ियों पर डाल दें. फिर गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुक जाएं. ध्‍यान रखें कि आपका सीना आपकी जांघों से छूना चाहिए. इसी स्थिति में अपने माथे से फर्श को छूने का प्रयास करें. कुछ देर तक इसी स्थिति में रहें.

भुजंगासन: कोरोना संक्रमण (corona virus) के इस समय में फेफड़ों को मजबूती देने के लिए कुछ खास योगासन जरूर करें. इन्‍हीं में से है भुजंगासन. यह फेफड़ों को मजबूत बनाए रखता है और शरीर को लचीला बनाता है. यह दिखने में फन फैलाए एक सांप जैसे आकार का आसन है. यही वजह है कि इसे भुजंगासन कहा जाता है. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं. इसके बाद अपने दोनों हाथों के सहारे शरीर के कमर से ऊपर के हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं. हाथों की कोहनियां मुड़़ी होनी चाहिए और हथेली खुली हुई जमीन पर फैली हो. इसके बाद शरीर के बाकी अंगों को बिना हिलाए ही चेहरे को ऊपर की ओर ले जाएं. कुछ समय तक इसी स्थिति में रहें.

सेतुबंध आसन: नियमित तौर पर सेतुबंध आसन का अभ्यास करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. इसके बाद अपने घुटनों को मोड़ें. अब गहरी सांस लेते हुए अपनी कमर को उठाएं. इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें. इस आसन को करने के दौरान धीरे धीरे सांस लें, सांस छोड़ते रहें. फिर सांस को छोड़ते हुए जमीन पर आ जाएं. आप इसे कम से कम पांच बार कर सकते हैं.
उत्तानासन: यह योगासन तनाव से मुक्त करने और नर्वस सिस्टम के लिए अच्छा माना जाता है. इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं. अपने पैरों के बीच में एक फीट की दूरी रखें और इन्‍हें सीधा रखें. इसके बाद गहरी सांस लेते हुए हाथों को नीचे की ओर ले जाएं. मगर आपके पैर घुटने से न मुड़ने पाएं. इसी स्थिति में अपने हाथों से पैरों के अंगूठों को छूने का प्रयास करें. इसके बाद अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाएं और एड़ी के ऊपरी हिस्से को पकड़ने का प्रयास करें. कुछ देर इसी मुद्रा में रहें. इसी चक्र को तीन-चार बार दोहराएं.

ताड़ासन: यह एक ऐसा योगासन है जो मांसपेशियों में काफी हद तक लचीलापन लाता है. यह शरीर को हल्का करता है और आराम देता है. वहीं शरीर की अतिरिक्त चर्बी को भी पिघलाता है. इसे करने के लिए सबसे पहले आप खड़े हो जाएं और अपने कमर और गर्दन को सीधा रखें. अब आप अपने हाथ को सिर के ऊपर करें और सांस लेते हुए धीरे धीरे पूरे शरीर को खींचें. खिंचाव को पैर की उंगली से लेकर हाथ की उंगलियों तक महसूस करें. इस अवस्था को कुछ समय के लिए बनाए रखें ओर सांस ले सांस छोड़ें. फिर सांस छोड़ते हुए धीरे धीरे अपने हाथ और शरीर को पहली अवस्था में लेकर आएं. इस तरह से एक चक्र पूरा होता है. ताड़ासन योग पूरे शरीर को लचीला बनाता है.


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