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जांघ के बीच होने वाले रैशेज से है परेशान , अपनाये ये घरेलु तरीका - Health Mantra

जांघ के बीच होने वाले रैशेज से है परेशान , अपनाये ये घरेलु तरीका

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जांघ के बीच होने वाले रैशेज के कारण न केवल चलने में परेशानी होती है बल्कि खुजली के कारण यह काफी शर्मनाक भी होता है। जी हां जिस किसी को भी कभी प्राइवेट पार्ट के आस-पास खुजली करनी पड़ती हैं, वह जानता है कि यह बेहद असहज होता है। गर्मियों के दिनों में तो समस्‍या और भी बढ़ जाती है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि अगर आप जल्दी से इसका इलाज करती हैं और यह भी सुनिश्चित करती हैं कि आप इसका इलाज करने के लिए सही तरीकों का उपयोग करें, तो जांघ के रैशेज जल्द ही गायब हो जाते हैं। समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए इस आर्टिकल में बताए कुछ घरेलू नुस्‍खों को फॉलो करें।

एलोवेरा जैल का इस्‍तेमाल

एलोवेरा लंबे समय से त्वचा को सूदिंग करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता रहा है। इसका उपयोग सनबर्न के इलाज के लिए भी किया जाता है। चूंकि एलोवेरा में सबसे अच्‍छे एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, इसलिए इसका उपयोग रैशेज पर भी किया जा सकता है ताकि उन्हें तेजी से ठीक करने में मदद मिल सके। अगर आपकी जांघ पर रैशेज सैनिटरी प्रोडक्‍ट्स के इस्‍तेमाल के कारण हैं तो बाजार से एलोवेरा जैल को सुरक्षित रूप से रैशेज वाली त्‍वचा में लगाया जा सकता है। याद रखें कि इस त्‍वचा को बहुत लंबे समय तक न ढकें क्योंकि जैल को भी सूखने की जरूरत होती है।

हल्के तेलों का इस्‍तेमाल करें

त्वचा के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल जैसे जैतून का तेल, बादाम का तेलऔर नारियल का तेल का उपयोग करने से कुछ हद तक रैशेज का इलाज किया जा सकता है। यह तेल त्वचा को मॉइश्चराइज करने में मदद करते हैं और संक्रमण के खिलाफ एक बाधा बनाते हैं। इसके अलावा, यह तेल रैशेज के चारों ओर एक लुब्रिकेंट की तरह बन जाते हैं, जिससे आपको खुद को और अधिक परेशान किए चल सकती है।

नीम का इस्‍तेमाल

प्राचीन आयुर्वेदिक उपचार अक्सर त्वचा से जुड़ी समस्‍याओं के लिए नीम और इसके डेरिवेटिव का उपयोग करते थे। नीम के पत्तों से बनी चाय और पानी को ठंडा करके रैशेज पर लगाने से कुछ ही समय में ये गायब हो जाते हैं। नीम में उत्कृष्ट एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो इसे त्वचा के अनुप्रयोग के लिए आदर्श बनाते हैं। वास्तव में नीम चिकन पॉक्स के कारण होने वाले घावों को भी दूर करने के लिए जाना जाता है और जांघ पर रैशेज तो बहुत ही मामूली बात है।

हल्दी है बेहतर

जब त्वचा के उपचार की बात आती है तो हल्दी आमतौर पर किसी की पहली पसंद नहीं होती है क्योंकि यह त्वचा पर कुछ दिनों के लिए दाग लगा देती है। हालांकि, शुद्ध हल्दी में उत्कृष्ट एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं और आयुर्वेद में घाव भरने के रूप में इसका उपयोग किया जाता है। हल्दी का पानी में पेस्ट बनाकर खुजली वाली जगह पर लगाएं। ध्यान दें कि हल्दी का तेल बहुत गुणकारी होता है लेकिन ठीक करने की बजाय रैशेज का कारण बनता है।


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